Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
राम कहो जीवना फल सो ही । हरिभजनसुं विलंब न पाइऩ ॥ध्रु.॥ कवनका मंदर कवनकी झोपरी । एकारामबिन सब हि फुकरी ॥1॥ कवनकी काया कवनकी माया । एकरामबिन सब हि जाया ॥2॥ कहे तुका सब हि चेलhहार । एकारामविन नहिं वासार ॥3॥
Tuka 1160
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