Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
लाल कमलि वोढे पेनाये । मोसु हरिथें कैसें बनाये ॥ध्रु.॥ कहे सखि तुम्हें करति सोर । हिरदा हरिका कठिन कठोर ॥1॥ नहिं क्रिया सरम कछु लाज । और सुनाउं बहुत हे भाज ॥2॥ और नामरूप नहिं गोवलिया । तुकाप्रभु माखन खाया ॥3॥
Tuka 1159
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