Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
भले रे भाइऩ जिन्हें किया चीज । आछा नहिं मिलत बीज ॥ध्रु.॥ फीरतफीरत पाया सारा । मीटत लोले धन किनारा ॥1॥ तीरथ बरत फिर पाया जोग । नहिं तलमल तुटति भवरोग ॥2॥ कहे तुका मैं ताको दासा । नहिं सिरभार चलावे पासा ॥3॥
Tuka 1158
Audio
Translations & commentaries(0)
No translations available for this verse yet.