Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
ऐसा कर घर आवे राम । और धंदा सब छोर हि काम ॥ ध्रु॥ इतन गोते काहे खाता । जब तूं आपणा भूल न होता ॥1॥ अंतरजामी जानत साचा । मनका एक उपर बाचा ॥2॥ तुकाप्रभु देसबिदेस । भरिया खाली नहिं लेस ॥3॥
Tuka 1154
Audio
Translations & commentaries(0)
No translations available for this verse yet.