Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
दासों पाछें दौरे राम । सोवे खडा आपें मुकाम ॥1॥ प्रेमरसडी बांधी गळे । खैंच चले उधर ॥ध्रु.॥ आपणे जनसु भुल न देवे । कर हि धर आघें बाट बसावे ॥2॥ तुका प्रभु दीनदयाला। वारि रे तुज पर हुं गोपाला ॥3॥
Tuka 1153
Audio
Translations & commentaries(0)
No translations available for this verse yet.