Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
चुराचुराकर माखन खाया । गौळणीका नंद कुमर कन्हया ॥1॥ काहे बडाइऩ दिखावत मोहि । जाणत हुं प्रभुपणा तेरा खव हि ॥ध्रु.॥ और बात सुन उखळसुं गळा । बांधलिया आपना तूं गोपाळा ॥2॥ फेरत वनबन गाऊ धरावतें । कहे तुकयाबंधु लकरी लेले हात ॥3॥
Tuka 1149
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