तेउ यह चरित देखि ठगि रहहीं। उमा तासु गुन नर किमि कहहीं।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तेउ यह चरित देखि ठगि रहहीं। उमा तासु गुन नर किमि कहहीं।।
RCM 7.9.9
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तेउ यह चरित देखि ठगि रहहीं। उमा तासु गुन नर किमि कहहीं।।
RCM 7.9.9
तेउ यह चरित देखि ठगि रहहीं। उमा तासु गुन नर किमि कहहीं।।