करहिं आरती आरतिहर कें। रघुकुल कमल बिपिन दिनकर कें।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
करहिं आरती आरतिहर कें। रघुकुल कमल बिपिन दिनकर कें।।
RCM 7.9.7
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
करहिं आरती आरतिहर कें। रघुकुल कमल बिपिन दिनकर कें।।
RCM 7.9.7
करहिं आरती आरतिहर कें। रघुकुल कमल बिपिन दिनकर कें।।