कंचन थार आरती नाना। जुबती सजें करहिं सुभ गाना।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कंचन थार आरती नाना। जुबती सजें करहिं सुभ गाना।।
RCM 7.9.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कंचन थार आरती नाना। जुबती सजें करहिं सुभ गाना।।
RCM 7.9.6
कंचन थार आरती नाना। जुबती सजें करहिं सुभ गाना।।