जहँ तहँ नारि निछावर करहीं। देहिं असीस हरष उर भरहीं।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जहँ तहँ नारि निछावर करहीं। देहिं असीस हरष उर भरहीं।।
RCM 7.9.5
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जहँ तहँ नारि निछावर करहीं। देहिं असीस हरष उर भरहीं।।
RCM 7.9.5
जहँ तहँ नारि निछावर करहीं। देहिं असीस हरष उर भरहीं।।