सुनि प्रभु बचन मगन सब भए। निमिष निमिष उपजत सुख नए।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनि प्रभु बचन मगन सब भए। निमिष निमिष उपजत सुख नए।।
RCM 7.8.9
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनि प्रभु बचन मगन सब भए। निमिष निमिष उपजत सुख नए।।
RCM 7.8.9
सुनि प्रभु बचन मगन सब भए। निमिष निमिष उपजत सुख नए।।