देखि नगरबासिन्ह कै रीती। सकल सराहहि प्रभु पद प्रीती।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
देखि नगरबासिन्ह कै रीती। सकल सराहहि प्रभु पद प्रीती।।
RCM 7.8.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
देखि नगरबासिन्ह कै रीती। सकल सराहहि प्रभु पद प्रीती।।
RCM 7.8.4
देखि नगरबासिन्ह कै रीती। सकल सराहहि प्रभु पद प्रीती।।