भरत सनेह सील ब्रत नेमा। सादर सब बरनहिं अति प्रेमा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
भरत सनेह सील ब्रत नेमा। सादर सब बरनहिं अति प्रेमा।।
RCM 7.8.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
भरत सनेह सील ब्रत नेमा। सादर सब बरनहिं अति प्रेमा।।
RCM 7.8.3
भरत सनेह सील ब्रत नेमा। सादर सब बरनहिं अति प्रेमा।।