कनक थार आरति उतारहिं। बार बार प्रभु गात निहारहिं।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कनक थार आरति उतारहिं। बार बार प्रभु गात निहारहिं।।
RCM 7.7.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कनक थार आरति उतारहिं। बार बार प्रभु गात निहारहिं।।
RCM 7.7.4
कनक थार आरति उतारहिं। बार बार प्रभु गात निहारहिं।।