कौसल्यादि मातु सब धाई। निरखि बच्छ जनु धेनु लवाई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कौसल्यादि मातु सब धाई। निरखि बच्छ जनु धेनु लवाई।।
RCM 7.6.9
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कौसल्यादि मातु सब धाई। निरखि बच्छ जनु धेनु लवाई।।
RCM 7.6.9
कौसल्यादि मातु सब धाई। निरखि बच्छ जनु धेनु लवाई।।