परे भूमि नहिं उठत उठाए। बर करि कृपासिंधु उर लाए।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
परे भूमि नहिं उठत उठाए। बर करि कृपासिंधु उर लाए।।
RCM 7.5.7
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
परे भूमि नहिं उठत उठाए। बर करि कृपासिंधु उर लाए।।
RCM 7.5.7
परे भूमि नहिं उठत उठाए। बर करि कृपासिंधु उर लाए।।