भेंटि कुसल बूझी मुनिराया। हमरें कुसल तुम्हारिहिं दाया।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
भेंटि कुसल बूझी मुनिराया। हमरें कुसल तुम्हारिहिं दाया।।
RCM 7.5.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
भेंटि कुसल बूझी मुनिराया। हमरें कुसल तुम्हारिहिं दाया।।
RCM 7.5.4
भेंटि कुसल बूझी मुनिराया। हमरें कुसल तुम्हारिहिं दाया।।