सुनु कपीस अंगद लंकेसा। पावन पुरी रुचिर यह देसा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनु कपीस अंगद लंकेसा। पावन पुरी रुचिर यह देसा।।
RCM 7.4.2
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनु कपीस अंगद लंकेसा। पावन पुरी रुचिर यह देसा।।
RCM 7.4.2
सुनु कपीस अंगद लंकेसा। पावन पुरी रुचिर यह देसा।।