बहइ सुहावन त्रिबिध समीरा। भइ सरजू अति निर्मल नीरा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बहइ सुहावन त्रिबिध समीरा। भइ सरजू अति निर्मल नीरा।।
RCM 7.3.10
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बहइ सुहावन त्रिबिध समीरा। भइ सरजू अति निर्मल नीरा।।
RCM 7.3.10
बहइ सुहावन त्रिबिध समीरा। भइ सरजू अति निर्मल नीरा।।