एक एकन्ह कहँ बूझहिं भाई। तुम्ह देखे दयाल रघुराई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
एक एकन्ह कहँ बूझहिं भाई। तुम्ह देखे दयाल रघुराई।।
RCM 7.3.8
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
एक एकन्ह कहँ बूझहिं भाई। तुम्ह देखे दयाल रघुराई।।
RCM 7.3.8
एक एकन्ह कहँ बूझहिं भाई। तुम्ह देखे दयाल रघुराई।।