नाहिन तात उरिन मैं तोही। अब प्रभु चरित सुनावहु मोही।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
नाहिन तात उरिन मैं तोही। अब प्रभु चरित सुनावहु मोही।।
RCM 7.2.14
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
नाहिन तात उरिन मैं तोही। अब प्रभु चरित सुनावहु मोही।।
RCM 7.2.14
नाहिन तात उरिन मैं तोही। अब प्रभु चरित सुनावहु मोही।।