एहि संदेस सरिस जग माहीं। करि बिचार देखेउँ कछु नाहीं।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
एहि संदेस सरिस जग माहीं। करि बिचार देखेउँ कछु नाहीं।।
RCM 7.2.13
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
एहि संदेस सरिस जग माहीं। करि बिचार देखेउँ कछु नाहीं।।
RCM 7.2.13
एहि संदेस सरिस जग माहीं। करि बिचार देखेउँ कछु नाहीं।।