अहह धन्य लछिमन बड़भागी। राम पदारबिंदु अनुरागी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अहह धन्य लछिमन बड़भागी। राम पदारबिंदु अनुरागी।।
RCM 7.1.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अहह धन्य लछिमन बड़भागी। राम पदारबिंदु अनुरागी।।
RCM 7.1.3
अहह धन्य लछिमन बड़भागी। राम पदारबिंदु अनुरागी।।