हृदयँ प्रीति मुख बचन कठोरा। बोला चितइ राम की ओरा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
हृदयँ प्रीति मुख बचन कठोरा। बोला चितइ राम की ओरा।।
RCM 4.9.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
हृदयँ प्रीति मुख बचन कठोरा। बोला चितइ राम की ओरा।।
RCM 4.9.4
हृदयँ प्रीति मुख बचन कठोरा। बोला चितइ राम की ओरा।।