पुनि नाना बिधि भई लराई। बिटप ओट देखहिं रघुराई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
पुनि नाना बिधि भई लराई। बिटप ओट देखहिं रघुराई।।
RCM 4.8.8
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
पुनि नाना बिधि भई लराई। बिटप ओट देखहिं रघुराई।।
RCM 4.8.8
पुनि नाना बिधि भई लराई। बिटप ओट देखहिं रघुराई।।