सुनत बालि क्रोधातुर धावा। गहि कर चरन नारि समुझावा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनत बालि क्रोधातुर धावा। गहि कर चरन नारि समुझावा।।
RCM 4.7.27
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनत बालि क्रोधातुर धावा। गहि कर चरन नारि समुझावा।।
RCM 4.7.27
सुनत बालि क्रोधातुर धावा। गहि कर चरन नारि समुझावा।।