जो कछु कहेहु सत्य सब सोई। सखा बचन मम मृषा न होई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जो कछु कहेहु सत्य सब सोई। सखा बचन मम मृषा न होई।।
RCM 4.7.23
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जो कछु कहेहु सत्य सब सोई। सखा बचन मम मृषा न होई।।
RCM 4.7.23
जो कछु कहेहु सत्य सब सोई। सखा बचन मम मृषा न होई।।