सुनि बिराग संजुत कपि बानी। बोले बिहँसि रामु धनुपानी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनि बिराग संजुत कपि बानी। बोले बिहँसि रामु धनुपानी।।
RCM 4.7.22
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनि बिराग संजुत कपि बानी। बोले बिहँसि रामु धनुपानी।।
RCM 4.7.22
सुनि बिराग संजुत कपि बानी। बोले बिहँसि रामु धनुपानी।।