बार बार नावइ पद सीसा। प्रभुहि जानि मन हरष कपीसा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बार बार नावइ पद सीसा। प्रभुहि जानि मन हरष कपीसा।।
RCM 4.7.14
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बार बार नावइ पद सीसा। प्रभुहि जानि मन हरष कपीसा।।
RCM 4.7.14
बार बार नावइ पद सीसा। प्रभुहि जानि मन हरष कपीसा।।