दुंदुभी अस्थि ताल देखराए। बिनु प्रयास रघुनाथ ढहाए।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
दुंदुभी अस्थि ताल देखराए। बिनु प्रयास रघुनाथ ढहाए।।
RCM 4.7.12
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
दुंदुभी अस्थि ताल देखराए। बिनु प्रयास रघुनाथ ढहाए।।
RCM 4.7.12
दुंदुभी अस्थि ताल देखराए। बिनु प्रयास रघुनाथ ढहाए।।