बिपति काल कर सतगुन नेहा। श्रुति कह संत मित्र गुन एहा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बिपति काल कर सतगुन नेहा। श्रुति कह संत मित्र गुन एहा।।
RCM 4.7.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बिपति काल कर सतगुन नेहा। श्रुति कह संत मित्र गुन एहा।।
RCM 4.7.6
बिपति काल कर सतगुन नेहा। श्रुति कह संत मित्र गुन एहा।।