मास दिवस तहँ रहेउँ खरारी। निसरी रुधिर धार तहँ भारी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मास दिवस तहँ रहेउँ खरारी। निसरी रुधिर धार तहँ भारी।।
RCM 4.6.7
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मास दिवस तहँ रहेउँ खरारी। निसरी रुधिर धार तहँ भारी।।
RCM 4.6.7
मास दिवस तहँ रहेउँ खरारी। निसरी रुधिर धार तहँ भारी।।