जब सुग्रीवँ राम कहुँ देखा। अतिसय जन्म धन्य करि लेखा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जब सुग्रीवँ राम कहुँ देखा। अतिसय जन्म धन्य करि लेखा।।
RCM 4.4.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जब सुग्रीवँ राम कहुँ देखा। अतिसय जन्म धन्य करि लेखा।।
RCM 4.4.6
जब सुग्रीवँ राम कहुँ देखा। अतिसय जन्म धन्य करि लेखा।।