सेवक सुत पति मातु भरोसें। रहइ असोच बनइ प्रभु पोसें।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सेवक सुत पति मातु भरोसें। रहइ असोच बनइ प्रभु पोसें।।
RCM 4.3.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सेवक सुत पति मातु भरोसें। रहइ असोच बनइ प्रभु पोसें।।
RCM 4.3.4
सेवक सुत पति मातु भरोसें। रहइ असोच बनइ प्रभु पोसें।।