मोर न्याउ मैं पूछा साईं। तुम्ह पूछहु कस नर की नाईं।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मोर न्याउ मैं पूछा साईं। तुम्ह पूछहु कस नर की नाईं।।
RCM 4.2.8
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मोर न्याउ मैं पूछा साईं। तुम्ह पूछहु कस नर की नाईं।।
RCM 4.2.8
मोर न्याउ मैं पूछा साईं। तुम्ह पूछहु कस नर की नाईं।।