पुलकित तन मुख आव न बचना। देखत रुचिर बेष कै रचना।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
पुलकित तन मुख आव न बचना। देखत रुचिर बेष कै रचना।।
RCM 4.2.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
पुलकित तन मुख आव न बचना। देखत रुचिर बेष कै रचना।।
RCM 4.2.6
पुलकित तन मुख आव न बचना। देखत रुचिर बेष कै रचना।।