धरि बटु रूप देखु तैं जाई। कहेसु जानि जियँ सयन बुझाई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
धरि बटु रूप देखु तैं जाई। कहेसु जानि जियँ सयन बुझाई।।
RCM 4.1.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
धरि बटु रूप देखु तैं जाई। कहेसु जानि जियँ सयन बुझाई।।
RCM 4.1.4
धरि बटु रूप देखु तैं जाई। कहेसु जानि जियँ सयन बुझाई।।