आगें चले बहुरि रघुराया। रिष्यमूक परवत निअराया।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
आगें चले बहुरि रघुराया। रिष्यमूक परवत निअराया।।
RCM 4.1.1
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
आगें चले बहुरि रघुराया। रिष्यमूक परवत निअराया।।
RCM 4.1.1
आगें चले बहुरि रघुराया। रिष्यमूक परवत निअराया।।