Mirabai Padas (Padavali + individual pads)
मीराबाई पदावली
मूल श्लोकः
तुम लाल नंद सदाके कपटी॥ध्रु०॥ सबकी नैया पार उतर गयी। हमारी नैया भवर बिच अटकी॥१॥ नैया भीतर करत मस्करी। दे सय्यां अरदन पर पटकी॥२॥ ब्रिंदाबनके कुंजगलनमों सीरकी। घगरीया जतनसे पटकी॥३॥ मीराके प्रभु गिरिधर नागर। राधे तूं या बन बन भटकी॥४॥
Mira 1.98
Audio
Translations & commentaries(0)
No translations available for this verse yet.