Sant Seva ParishadSant Seva ParishadSSP · sant seva

Mirabai Padas (Padavali + individual pads)

मीराबाई पदावली

मूल श्लोकः

दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी-नगरी कैसे मैं तेरी गोकुल नगरी दूर नगरी बड़ी दूर नगरी रात को कान्हा डर माही लागे, दिन को तो देखे सारी नगरी। दूर नगरी... सखी संग कान्हा शर्म मोहे लागे, अकेली तो भूल जाऊँ तेरी डगरी। दूर नगरी... धीरे-धीरे चलूँ तो कमर मोरी लचके झटपट चलूँ तो छलकाए गगरी। दूर नगरी... मीरा कहे प्रभु गिरधर नागर, तुमरे दरस बिन मैं तो हो गई बावरी। दूर नगरी...

Mira 1.97

Audio
Translations & commentaries(0)

No translations available for this verse yet.