Mirabai Padas (Padavali + individual pads)
मीराबाई पदावली
मूल श्लोकः
तुम कीं करो या हूं ज्यानी। तुम०॥ध्रु०॥ ब्रिंद्राजी बनके कुंजगलीनमों। गोधनकी चरैया हूं ज्यानी॥१॥ मोर मुगुट पीतांबर सोभे। मुरलीकी बजैया हूं ज्यानी॥२॥ मीरा कहे प्रभु गिरिधर नागर। दान दिन ले तब लै हुं ज्यानी॥३॥
Mira 1.94
Audio
Translations & commentaries(0)
No translations available for this verse yet.