Sant Seva ParishadSant Seva ParishadSSP · sant seva

Mirabai Padas (Padavali + individual pads)

मीराबाई पदावली

मूल श्लोकः

अब तौ हरी नाम लौ लागी। सब जगको यह माखनचोरा, नाम धर्यो बैरागीं॥ कित छोड़ी वह मोहन मुरली, कित छोड़ी सब गोपी। मूड़ मुड़ाइ डोरि कटि बांधी, माथे मोहन टोपी॥ मात जसोमति माखन-कारन, बांधे जाके पांव। स्यामकिसोर भयो नव गौरा, चैतन्य जाको नांव॥ पीतांबर को भाव दिखावै, कटि कोपीन कसै। गौर कृष्ण की दासी मीरां, रसना कृष्ण बसै॥

Mira 1.6

Audio
Translations & commentaries(0)

No translations available for this verse yet.