Mirabai Padas (Padavali + individual pads)
मीराबाई पदावली
मूल श्लोकः
नैना निपट बंकट छबि अटके। देखत रूप मदनमोहन को, पियत पियूख न मटके। बारिज भवाँ अलक टेढी मनौ, अति सुगंध रस अटके॥ टेढी कटि, टेढी कर मुरली, टेढी पाग लट लटके। 'मीरा प्रभु के रूप लुभानी, गिरिधर नागर नट के॥
Mira 1.156
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