Sant Seva ParishadSant Seva ParishadSSP · sant seva

Mirabai Padas (Padavali + individual pads)

मीराबाई पदावली

मूल श्लोकः

पायो जी म्हे तो राम रतन धन पायो।। टेक।। वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु, किरपा कर अपनायो।। जनम जनम की पूंजी पाई, जग में सभी खोवायो।। खायो न खरच चोर न लेवे, दिन-दिन बढ़त सवायो।। सत की नाव खेवटिया सतगुरु, भवसागर तर आयो।। "मीरा" के प्रभु गिरधर नागर, हरस हरस जश गायो।।

Mira 1.155

Audio
Translations & commentaries(0)

No translations available for this verse yet.