Mirabai Padas (Padavali + individual pads)
मीराबाई पदावली
मूल श्लोकः
हरिनाम बिना नर ऐसा है। दीपकबीन मंदिर जैसा है॥ध्रु०॥ जैसे बिना पुरुखकी नारी है। जैसे पुत्रबिना मातारी है। जलबिन सरोबर जैसा है। हरिनामबिना नर ऐसा है॥१॥ जैसे सशीविन रजनी सोई है। जैसे बिना लौकनी रसोई है। घरधनी बिन घर जैसा है। हरिनामबिना नर ऐसा है॥२॥ ठुठर बिन वृक्ष बनाया है। जैसा सुम संचरी नाया है। गिनका घर पूतेर जैसा है। हरिनम बिना नर ऐसा है॥३॥ कहे हरिसे मिलना। जहां जन्ममरणकी नही कलना। बिन गुरुका चेला जैसा है। हरिनामबिना नर ऐसा है॥४॥
Mira 1.15
Audio
Translations & commentaries(0)
No translations available for this verse yet.