Mirabai Padas (Padavali + individual pads)
मीराबाई पदावली
मूल श्लोकः
माई मैनें गोविंद लीन्हो मोल॥ध्रु०॥ कोई कहे हलका कोई कहे भारी। लियो है तराजू तोल॥ मा०॥१॥ कोई कहे ससता कोई कहे महेंगा। कोई कहे अनमोल॥ मा०॥२॥ ब्रिंदाबनके जो कुंजगलीनमों। लायों है बजाकै ढोल॥ मा०॥३॥ मीराके प्रभु गिरिधर नागर। पुरब जनमके बोल॥ मा०॥४॥
Mira 1.149
Audio
Translations & commentaries(0)
No translations available for this verse yet.