Mirabai Padas (Padavali + individual pads)
मीराबाई पदावली
मूल श्लोकः
फिर बाजे बरनै हरीकी मुरलीया सुनोरे, सखी मेरो मन हरलीनो॥१॥ गोकुल बाजी ब्रिंदाबन बाजी। ज्याय बजी वो तो मथुरा नगरीया॥२॥ तूं तो बेटो नंद बाबाको। मैं बृषभानकी पुरानी गुजरियां॥३॥ मीरा कहे प्रभु गिरिधर नागर। हरिके चरनकी मैं तो बलैया॥४॥
Mira 1.140
Audio
Translations & commentaries(0)
No translations available for this verse yet.