Mirabai Padas (Padavali + individual pads)
मीराबाई पदावली
मूल श्लोकः
प्यारे दरसन दीज्यो आय, तुम बिन रह्यो न जाय॥ जल बिन कमल, चंद बिन रजनी। ऐसे तुम देख्यां बिन सजनी॥ आकुल व्याकुल फिरूं रैन दिन, बिरह कलेजो खाय॥ दिवस न भूख, नींद नहिं रैना, मुख सूं कथत न आवै बैना॥ कहा कहूं कछु कहत न आवै, मिलकर तपत बुझाय॥ क्यूं तरसावो अंतरजामी, आय मिलो किरपाकर स्वामी॥ मीरां दासी जनम जनम की, पड़ी तुम्हारे पाय॥
Mira 1.129
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