Mirabai Padas (Padavali + individual pads)
मीराबाई पदावली
मूल श्लोकः
पिहु की बोलि न बोल पपैय्या॥ध्रु०॥ तै खोलना मेरा जी डरत है। तनमन डावा डोल॥ पपैय्या०॥१॥ तोरे बिना मोकूं पीर आवत है। जावरा करुंगी मैं मोल॥ पपैय्या०॥२॥ मीरा के प्रभु गिरिधर नागर। कामनी करत कीलोल॥ पपैय्या०॥३॥
Mira 1.128
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