Mirabai Padas (Padavali + individual pads)
मीराबाई पदावली
मूल श्लोकः
राग दरबारी कान्हरा पिय बिन सूनो छै जी म्हारो देस॥ ऐसो है कोई पिवकूं मिलावै, तन मन करूं सब पेस। तेरे कारण बन बन डोलूं, कर जोगण को भेस॥ अवधि बदीती अजहूं न आए, पंडर हो गया केस। रा के प्रभु कब र मिलोगे, तज दियो नगर नरेस॥
Mira 1.125
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